EPF Latest Tax Rule 2021 क्या है? || Limit on Tax-Free EPF Interest in Hindi

EPF Latest Tax Rule 2021 क्या है: दोस्तों EPF (EPF Full Form : Employees Provident Fund) की इंटरेस्ट पर Tax लगाने की बात budget में आगयी थी। सरकार ने budget में ही बता दिया था के अगर किसी एम्प्लोयी का PF की Contribution 2.5 लाख से ज्यादा होगा तोह उसकी इंटरेस्ट पर टैक्स लगेगा। लेकिन ये बात साफ नहीं हुई थी की टैक्स कैसे लगेगा ? उसके रूल क्या होंगे ? और VPF पर टैक्स को लेकर भी काफी confusion था। लेकिन अब सरकार ने इसपर एक clarification दिया है।

दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की EPF Latest Tax Rule 2021 क्या है। इस आर्टिकल में हम आपके सारि confusion को दूर करेंगे। इस पोस्ट में हम आपको नए रूल के साथ साथ टैक्स के पुराने रूल के बारे में भी बताएँगे ताकि पूरी तस्वीर साफ होजाये।

EPF Latest Tax Rule 2021 क्या है?

EPF Tax Deduction

तोह सबसे पहली बात EPF पर Tax Deduction की जो शयद आपको पता भी हो। दोस्तों EPF में जो भी पैसे आपने जमा करते है उसके बदले सरकार आपको टैक्स छूट देती है। ये टैक्स छूट Income Tax Act Section 80C के तहेत दी जाती है। इस सेक्शन में EPF के आलावा और भी कई इन्वेस्टमेंट होते है। Section 80C के मुताबिक कोई कर्मचारी EPF में जितना पैसा जमा करता है उतना ही पैसा उसकी taxable income से घर जाता है। और इससे उसका टैक्स भी कम होजाता है।

लेकिन दोस्तों इस बात का ख्याल रखियेगा की Section 80C में टैक्स छूट की एक लिमिट है। आप कुल 1.5 लाख रूपए तक के अमाउंट पर ही टैक्स छूट ले सकते है।

Tax on EPF Interest

दोस्तों अब बात EPF की इंटरेस्ट पर लगने वाले टैक्स की। आप ये तो जानते ही होंगे की हम जो भी पैसे EPF अकाउंट में डालते है उस पर हर साल ब्याज दिया जाता है। EPF की नियम के हिसाब से अभी तक इस इंटरेस्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होता था।

लेकिन दोस्तों आप ये तो जानते ही होंगे के अगर यही पैसा आप बैंक के fixed deposit में रखते है तोह interest income taxable होजाती है। 40000 से ज्यादा इंटरेस्ट मिलता है तोह फिर टीडीएस भी काट जाता है। पर EPF में अब तक ऐसा कुछ नहीं था।

New Rule of Tax on EPF Interest

लेकिन दोस्तों अब नियम बदल गयी है। सरकार ने इस tax free interest income पर लिमिट लगा दी है। इस साल के बजट में सरकार ने इसी को लेकर नियम बदल दिए है। नया रूल ये है की interest income तभी तक tax free रहेगी जब तक आपका Contribution 2.5 लाख को पर नहीं कर जाता है। यहाँ एक साल की Contribution की बात हो रही है।

मतलब अगर अप्रैल 2021 से लेकर मार्च 2022 के बीच आपका PF Deposit 2.5 लाख रूपए से ज्यादा हो जायेगा तोह फिर interest tax free नहीं रहेगा।

दोस्तों ऐसे परिस्थिति में जो भी एक्स्ट्रा अमाउंट होगा उसका इंटरेस्ट टैक्सेबल हो जायेगा।

जैसे मान लीजिये आप हर महीने EPF अकाउंट में 25000 रूपए जमा करते है। ऐसे में आपका साल भर का डिपाजिट 25000*12= 300000 रूपए हो जायेगा। यानि आप 2.5 लाख की लिमिट क्रॉस कर जायेंगे। अगर ऐसा होता है तोह फिर 2.5 लाख रूपए पर जो भी इंटरेस्ट इनकम होगी वो tax free रहेगी। लेकिन एक्स्ट्रा 50000 रूपए से जो भी interest income होगी वो taxable हो जाएगी।

दोस्तों यहाँ पर गौर कीजियेगा की 50000 पर जो 4000 की करीब ब्याज बनेगा वो taxable होगा। पुरे 50000 रूपए नहीं taxable हो जायेगा।

Two EPF Account

अब इस कन्फुसिंग हिसाब किताब को आसान करने के लिए सरकार ने एक रास्ता निकाला है। सरकार ने कहा है की अगर किसी साल आपका Contribution 2.5 लाख रूपए को क्रॉस कर जाता है तोह आपके पास दो PF अकाउंट बन जायेंगे।  एक अकाउंट non taxable होगा और दूसरा taxable अकाउंट।

अब आप जो भी PF Contribution करेंगे वो पहले non taxable अकाउंट में ही जायेगा। 2.5 लाख रूपए तक की रकम non taxable अकाउंट में ही जमा होगी।  उसके बाद भी अगर आप और पैसा जमा करेंगे तोह वो फिर taxable अकाउंट में जायेगा।

Reasons for Taxable EPF Account

taxable अकाउंट में पैसा जाने की दो वजह हो सकती है। पहला तोह ये है की आपकी सैलरी इतनी ज्यादा हो की बेसिक सैलरी का 12 % ही 2.5 लाख रूपए से ज्यादा हो जाये। अगर ऐसा होगा तोह फिर एक्स्ट्रा पैसा taxable अकाउंट में जायेगा।

taxable अकाउंट में पैसा जमा करने की दूसरी वजह हो सकती है VPF ( VPF का फुल फॉर्म है Voluntary Provident Fund ),

बोहोत से लोग VPF में अच्छी खासी रकम जमा करते है। ऐसे लोग भी 2.5 लाख की लिमिट को क्रॉस कर सकते है। और अब उन्हें भी tax का सामना करना पड़ेगा।

दोस्तों आगे बढ़ने से पहले अब जान लेते है Voluntary Provident Fund  क्या है।

Voluntary Provident Fund क्या है

दोस्तों नियम है की EPF के मेम्बर अपनी बेसिक सैलरी का 12 % EPF अकाउंट में जमा करेंगे। लेकिन अगर कोई मेम्बर और ज्यादा पैसा जमा करना चाहता है तोह उसे छूट दी गयी है। कोई भी मेम्बर अपनी बेसिक सैलरी की बराबर रकम EPF अकाउंट में जमा कर सकता है। इसी एक्स्ट्रा डिपाजिट को Voluntary Provident Fund कहते है।

जिन लोगो की सैलरी अच्छी होती है वो इन फैसिलिटी का फायदा उठाती है। कियुकी यहाँ रेट भी अच्छा है और इनकम टैक्स फ्री होती है।

What about EPF Previous Balance 

दोस्तों इस नियम के आने बाद बोहोत से लोग अपने पुराने डिपाजिट को लेकर चिंतित थे। उन्हें लग रहा था की कही उनका बैलेंस का इंटरेस्ट taxable ना हो जाये। उन्हें चिंता थी की कही इंटरेस्ट पर जो इंटरेस्ट मिलेगा वो taxable ना हो जाये। ऐसे कई सवाल थे।

तोह दोस्तों इतनी चिंता करने की जरुरत नहीं है। 1 अप्रैल 2021 से पहले आपके अकाउंट में जो भी पैसा था non taxable अकाउंट में ही जमा होगा। उस पैसे पर जो इंटरेस्ट बनेगा वो भी हमेशा non taxable अकाउंट में ही जमा होगा। यानि उसपर टैक्स की गुंजाईश नहीं है। तोह फिर टेंशन भी नहीं है।

What about Contribution of Current year

अब आते है 1 अप्रैल 2021 से बाद के PF डिपाजिट पर। दोस्तों 1 अप्रैल 2021 से लेकर 31 मार्च 2022 तक आपका जो भी EPF Contribution होगा वो पहले तो non taxable EPF अकाउंट में जायेगा। लेकिन अगर अमाउंट 2.5 लाख को क्रॉस कर जाता है तोह एक्स्ट्रा अमाउंट taxable PF अकाउंट में जायेगा।

इसके साथ ही ये भी क्लियर कर लीजिये के taxable अकाउंट के पैसे पर जो भी इंटरेस्ट मिलेगा वो भी उसी taxable अकाउंट में ही जमा होगा।

TDS on EPF Interest

दोस्तों ये तो साफ होगया की PF में टैक्स कब लगेगा और उसके लिए दूसरा PF अकाउंट कब बनेगा। लेकिन अभी ये साफ नहीं हुआ है की जो भी टैक्स बनेगा उसका TDS भी कटेगा ? या पूरा का पूरा टैक्स भी हम खुद ही जमा करेंगे।

अभी सरकार की तरफ से इस बारे में कोई सफाई नहीं आयी है। लेकिन कोई बात नहीं दोस्तों। हम इस बारे में अंदाज़ा तो लगा ही सकते है।

दोस्तों ये तो आप जानते ही होंगे के बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट करने पर जो ब्याज मिलता है वो taxable होता है। और इसलिए बैंक उसपर TDS काट लेता है। तोह हमें लग रहा है की यहाँ भी ऐसा भी होगा।

EPF वो खुद ही हमारे taxable PF अकाउंट से हर साल TDS काट लेगा। जैसे बैंक में TDS का रेट 10% का है वैसे यहाँ भी TDS का रेट 10% रह सकता है। जैसे बैंक में TDS तभी काट ता है जब  इंटरेस्ट इनकम 40000 को क्रॉस कर जाती है। उसी तरह हो सकता है यहाँ भी TDS तभी कटे जब किसी साल इंटरेस्ट इनकम 40000 को क्रॉस कर जाये।

कुल मिलाकर दोस्तों अगर लिमिट से ज्यादा PF डिपाजिट करेंगे तोह फिर टैक्स तो देना ही है।

EPF Interest in Income Tax Return

लेकिन इसके साथ ही आपको एक और बात का ख्याल रखना है , अगर आप 2.5 लाख से ज्यादा PF डिपाजिट करते है और आपका taxable PF अकाउंट बन जाता है तो फिर आपको हर साल की इंटरेस्ट इनकम का हिसाब रखना होगा। कियुकी फिर आपको इनकम टैक्स रिटर्न  में इस इनकम को दिखाना होगा। इसलिए अगर आपका PF Contribution 2.5 लाख रूपए से ज्यादा रहता है तोह आगे से जब भी Income Tax Return भरे उससे पहले PF पासबुक जरूर चेक करें। उसमे लिखा होता है की आपको किसी एक Financial year में कुल कितना इंटरेस्ट मिला है।

Tax on Employer’s Contribution

अभी एक बोहोत ही महत्त्पूर्ण सवाल बचा हुआ है दोस्तों।  सवाल ये है की हमारे EPF अकाउंट में employer की जो Contribution होता है तोह उसपर किस हिसाब से टैक्स लगेगा?

तोह दोस्तों इसके बारे में नियम एक साल पहले ही आगया है। नियम ये है की अगर किसी एक साल में employer का Contribution 7.5  लाख रूपए को पार कर जायेगा तोह एक्स्ट्रा अमाउंट को taxable मान लिया जायेगा। यानि उस अमाउंट को आपके taxable इनकम में जोड़ दिया जायेगा।

Tax on GPF Interest

अब आते है सरकारी कर्मचारियों पर। कियुकी सरकारी कर्मचारियों का भी अपना GPF (GPF Full Form- General Provident Fund ) अकाउंट होता है।  इन कर्मचारियों के लिए रूल थोड़ा अलग है।

दोस्तों GPF  के मामले में non taxable EPF अकाउंट की लिमिट 5 लाख रूपए है। ऐसा इसलिए कियुकी यहाँ पर employer यानि सरकार का Contribution नहीं होता है। इसलिए अगर कर्मचारी 5 लाख रूपए तक का पैसा GPF अकाउंट में जमा करते है तोह पूरा का पूरा पैसा non taxable EPF अकाउंट में ही जायेगा।

Tax on EPF Withdrawal

दोस्तों हमने PF की डिपाजिट और इंटरेस्ट पर टैक्स की बात तो करली लेकिन टैक्स का सवाल अभी भी ख़तम नहीं हुआ।

PF के withdrawal पर टैक्स का क्या नियम है आइये उसे भी समझ लेते है।

तोह दोस्तों सरकार ने इस मामले में full exemption दिया है। EPF अकाउंट से आप जो भी पैसे निकालेंगे वो पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा। यानि maturity पर आपको जो भी पैसे मिलेगा उसपर टैक्स की चिंता नहीं करनी है। EPF में आपको ये स्पेशल फायदा मिलता है।

लेकिन दोस्तों EPF withdrawal पर ये छूट तभी मिलती है जब आप कम से कम 5 साल लगातार PF अकाउंट में पैसे जमा करते है। अगर आप 5 साल से पहले ही नौकरी छोर देते है तोह फिर PF अमाउंट taxable  हो जायेगा। और हो सकता है आपको TDS काटने की बाद ही पैसे दिए जायेंगे।

How to avoid TDS on EPF Withdrawal

दोस्तों इस पॉइंट को अच्छे से समझ लीजिये। अगर आप 5 साल से पहले पैसा निकलते है और अमाउंट 50000 रूपए से ज्यादा है तोह फिर आपको TDS काटकर पैसा दिया जाता है।

ये कटौती 10% की होती है।  अगर आप  PF withdrawal पर TDS से बचना चाहते है तोह withdrawal फॉर्म भरने के साथ साथ फॉर्म 15G भरकर देना होता है। इससे TDS की कटौती नहीं होती है।

Final Word: 

दोस्तों ये थी PF पर taxation की पूरी जानकारी। लेकिन हम आपको ये जरूर कहना चाहेंगे की हम टैक्स एक्सपर्ट नहीं है। टैक्स से जुड़े फैसलों के लिए आप किसी टैक्स एडवाइजर की सलाह जरूर लीजिये। इस आर्टिकल (EPF Latest Tax Rule 2021 क्या है) को अगर अच्छा लगा है तोह इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर कीजिये और हमारे वेबसाइट पर ऐसे ही बने रहिये।

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