EMI Full Form in Hindi | EMI क्या है पूरी जानकारी हिंदी में

EMI full form क्या है? अक्सर लोग घर, जमीन, कार खरीदने या अन्य किसी काम के लिए बैंक से लोन लेते हैं। कई लोग क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मोबाईल, टीवी, फ्रिज या अन्य वस्तुओं की खरीददारी करते हैं, यह भी लोन ही है। अगर आपने भी बैंक से या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसी भी तरह का लोन लिया है या लोन लेने वाले हैं, तो आपको EMI ka full form, EMI क्या है तथा EMI से संबंधित अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारियां होनी चाहिए।

इस लेख में आगे हम आपको EMI क्या है? EMI Full Form क्या है? EMI कैलकुलेट कैसे किया जाता है? EMI भुगतान
कैसे किया जाता है? EMI के फायदे क्या हैं? EMI के नुकसान क्या हैं? इन सबके बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

◆ EMI Full Form क्या है? (Full Form of EMI)

EMI ka Full Form है – Equated Monthly Installment. हिन्दी में इसे समान मासिक किश्त कहा जाता है।

 

EMI Full Form in Hindi

 

◆ EMI क्या है?

EMI (Equated Monthly Installment) को साधारण शब्दों में समझें तो यह किसी लोन पर बैंक द्वारा तय की गई मासिक किश्त है। जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेता है या क्रेडिट कार्ड से समान खरीदता है, तो बैंक लोन की पूरी राशि एक बार में ग्राहक को दे देती है। इसके बाद बैंक ग्राहक को लोन का भुगतान करने के लिए 6 महीने, 12 महीने,16 महीने, 24 महीने, 36 महीने जैसी कई विकल्प देती है। ग्राहक द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार चुने

गए महीने पर बैंक ब्याज जोड़ती है तथा हर महीने के लिए एक समान मासिक किश्त तय करती है, जिसे EMI कहा जाता है। EMI में मूल रकम के साथ ब्याज भी जुड़ी रहती है। हर महीने की EMI एक समान रहती है।

◆ EMI Calculate कैसे किया जाता है?

सबसे पहले आपने EMI Full Form तथा EMI क्या है इसके बारे में जाना। अब हम आपको बताएंगे कि EMI काम कैसे करती है तथा EMI को कैलकुलेट कैसे किया जाता है। EMI इस बात पर निर्भर करती है कि ग्राहक ने कितना लोन लिया है, कितने समय के लिए लोन लिया है तथा इस लोन पर बैंक कितना प्रतिशत ब्याज दर वसूलती है। ग्राहक जितना लोन लेता है उसे महीने के हिसाब से बांटकर तथा उसमें ब्याज दर जोड़कर EMI की राशि तय की जाती है।

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 5 लाख रूपये, 12 महीने के लिए 10% ब्याज पर बैंक से लोन लिया। अब उस व्यक्ति की EMI यानी समान मासिक किश्त ₹43,958 होगी, जिसमें ₹41667 मूल धन(Principal Amount) तथा ₹2291 ब्याज राशि(Interest Amount) होगी। इसी 5 लाख को भुगतान करने के लिए अगर 24 महीने का विकल्प चुना जाता है तो 10% ब्याज दर से EMI ₹23072 होगी। अर्थात हम जितने अधिक समय के लिए लोन भुगतान का समय चुनेंगे हमें उतना कम मासिक किश्त यानी EMI देना पड़ेगा किन्तु अधिक समय के लिए ब्याज राशि अधिक देनी पड़ेगी।

◆ Online EMI Calculate कैसे किया जाता है?

Online EMI Calculate करना काफी आसान है। आप emicalculator.org पर जाकर आसानी से अपने लोन की EMI पता कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने लोन की राशि, ब्याज प्रतिशत तथा कितनी अवधि के लिए लोन ले रहे हैं ये सारी जानकरियाँ डालनी होगी।

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◆ EMI भुगतान कैसे किया जाता है?

EMI का भुगतान मुख्यतः दो तरीकों से किया जा सकता है – पहला ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन।

ऑनलाइन भुगतान करने के लिए आपने जिस बैंक से लोन लिया था उस बैंक की वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहाँ आप डेबिट कार्ड,क्रेडिट कार्ड या UPI के माध्यम से ऑनलाइन EMI पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा कई अन्य वेबसाइट या एप्प जैसे Amazon pay, Google pay, phone pay, Paytm आदि के माध्यम से भी EMI का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।

अगर आप ऑनलाइन EMI नहीं भरना चाहते हैं तो ऑफलाइन भी EMI भर सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक जाकर चेक या कैश के माध्यम से EMI पेमेंट करना होगा। इसके अलावा एक विकल्प ऑटो डेबिट का भी है। इस सुविधा के लिए बैंक जाकर एक फॉर्म भरना पड़ेगा, जिसमें ग्राहक को ऑटो डेबिट के लिए अपनी सहमति देनी होगी। इसके बाद EMI की राशि हर महीने बैंक खाते से ऑटोमैटिक कट जाएगी।

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◆ EMI के फायदे क्या है?

महंगाई के इस दौर में कई लोगों के पास इतने एकमुश्त पैसे नहीं होते कि घर या कार जैसी चीजें खरीद सकें। ऐसे में EMI या लोन की सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। EMI के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं :-

1. EMI के माध्यम से आप अपने जरूरत की वस्तु कम पैसे देकर भी आसानी से खरीद सकते हैं।
2. आप लोन की राशि तो एकमुश्त लेते हैं लेकिन लोन का भुगतान EMI के माध्यम से बहुत छोटे-छोटे अमाउंट में कर सकते हैं। इससे आप पर भार कम पड़ता है।
3. अगर आप समय पर EMI भरते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो जाएगा, जिससे भविष्य में जरूरत पड़नी पर अधिक लोन मिल सकता है।
4. EMI के माध्यम से कम आय वाले लोग भी अपने घर या कार जैसे जरूरत को पूरा कर सकते हैं।
5. कई बार कुछ बैंक ब्याज मुक्त EMI की भी सुविधा देते हैं। इसमें ग्राहकों को काफी फायदा मिलता है।

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◆ EMI के नुकसान क्या हैं?

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। पहले हमने EMI के फायदों के बारे में जाना अब हम नुकसान के बारे में जानेंगे :-

1. EMI के कारण कई बार लोग अपनी क्षमता या जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं, ऐसे में उनका पूरा जीवन EMI भरने में ही निकल जाता है।
2. EMI की सुविधा में आपको ब्याज के अलावा भी कई तरह के सलाना टैक्स व शुल्क देने पड़ते हैं।
3. अगर आप समय पर EMI नहीं भरते हैं तो इसके लिए आपको पेनल्टी देनी पड़ सकती है। साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो जाता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में काफी परेशानी होती है।

Final Words:

तोह दोस्तों इस प्रकार हमने इस लेख में EMI के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियों को जाना जैसे EMI क्या है , EMI Full Form क्या है, EMI के फायदे क्या है , नुकसान क्या है आदि। अगर आपको ये जानकारी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर अवश्य करें।

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