भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?

दोस्तों किसी भी देश का राष्ट्रपति उस देश का प्रथम नागरिक होता है या आसान शब्दों में कहें तो उस देश का मुखिया होता है। आज हम जानेंगे अपने देश यानी कि bharat ke rashtrapati kaun hai? तो आइए जानते हैं कि भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?

भारत में राष्ट्रपति पद की स्थापना भारत के संविधान के द्वारा ही की गई थी। 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागु हुआ। भारत के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद थे। भारत जब से स्वतंत्र हुआ है तब से अब तक 14 राष्ट्रपति हो चुके हैं। और इन के आलावा 3 कार्यवाहक राष्ट्रपति भी रह चुके हैं। 

भारत के राष्ट्रपति का कुल शासन काल 05 वर्ष का होता है। भारत के राष्ट्रपति के पास भारतीय सशस्त्र सेना की सबसे बड़ी कमान होती है। भारत का राष्ट्रपति विधान सभा, लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित हुए सदस्यों के द्वारा चुना जाता है। भारत का राष्ट्रपति देश की कार्यपालिका , बिधायिका और न्यायपालिका का प्रमुख भी होता है। 

14 में से 6 राष्ट्रपति, राष्ट्रपति बनने से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य रह चुके हैं। और 1 राष्ट्रपति, राष्ट्रपति बनने से पहले जनता पार्टी के सदस्य रह चुके हैं। तथा एक राष्ट्रपति भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रह चुके हैं। तो हम यह कह सकते हैं कि 08 राष्ट्रपतियों का सम्बन्ध राष्ट्रपति बनने से पहले किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से था।

भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?( Bharat ke rashtrapati kaun hai?):-

दोस्तों अब आपके के सवाल के तरफ बढ़ते हैं जी हां, Bharat ke rashtrapati kaun hai? (भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?) तो आइए जानते हैं।

बर्तमान समय में(2021) भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद हैं।  25 जुलाई 2017 को श्री रामनाथ कोविंद निर्बाचक मंडल द्वारा नियुक्त भारत के 14वें राष्ट्रपति बने। और श्री रामनाथ कोविंद भारत के राष्ट्रपति पद पर वर्तमान में भी पदस्थ हैं।

भारत के राष्ट्रपति (श्री राम नाम कोविंद) द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार वितरण समारोह में दिया गया वर्चुअल संबोधन के कुछ शब्द:-

युवा शक्ति, सामाजिक परिवर्तन की ध्वज-वाहक होती है और उसका साधन भी होती है। आज भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष तक के युवाओं की ही है। इसलिए भारत को एक युवा राष्ट्र कहा जाता है। देश के युवाओं को सेवा के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में प्रवृत्त करने के लिए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित एन.एस.एस. अर्थात् ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ एक दूरदर्शिता पूर्ण योजना है। इसीलिए उल्लेखनीय राष्ट्रीय सेवा करने वाली इकाइयों तथा स्वयं-सेवकों को पुरस्कृत करने से जुड़े इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। मैं इस अवसर पर, सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देता हूं।

भारत के राष्ट्रपति की योग्यता

भारतीए संविधान के आर्टिकल 58 में कहा गया है की भारत के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को चाहिए:

  • राष्ट्रपति को भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • न्यूनतम आयु 35 बर्ष होना चाहिए।
  • किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए। मतलब की गवर्नमेंट से सैलरी नहीं लेना चाहिए मतलब कोई सरकारी नौकरी नहीं करना चाहिए।
  • राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लोकसभा के सदस्य बनने की योग्य होना चाहिए।

दोस्तों अब हम जानते हैं कि भारत में कौन कौन से लोग अभी तक राष्ट्रपति पद पर रह चुके हैं।

  • डा. राजेंद्र प्रसाद
  • डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन
  • डॉ. जाकिर हुसैन
  • वराहगिरि वेंकटगिरि (कार्यवाहक)
  • न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्लाह (कार्यवाहक)
  • वराहगिरि वेंकटगिरि
  • फखरुद्दीन अली अहमद
  • बी.डी. जत्ती (कार्यवाहक)
  • नीलम संजीव रेड्डी
  • ज्ञानी जैल सिंह
  • आर. वेंकटरमण
  • डॉ. शंकर दयाल शर्मा
  • के. आर. नारायणन
  • डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
  • श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल
  • श्री प्रणब मुखर्जी
  • श्री राम नाथ कोविन्द

1 . डा. राजेंद्र प्रसाद

डा. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे , जिन्होंने दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति के रूप में काम किया था। वह संविधान सभा के अध्यक्ष और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता भी थे। 1962 में उन्हें भारत रत्न से सन्मानित किया गया। 

2. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को आंध्र प्रदेश के तिरुत्तानी में एक ब्राह्मण परिबार में  हुआ था। उन्हें एक अविश्वसनीय छात्र माना जाता था और एक अनुकरणीय शिक्षक भी थे जिन्होंने अपना जीवन शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। 1962 में डॉ. राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति का पद संभाला। इससे पहले राधाकृष्णन ने 1952 से 1962 तक भारत के पहले उपराष्ट्रपति भी थे। 1962 से, भारत में हर साल 5 सितम्बर को उनकी जयंती पर श्रद्यांजलि देने के लिए शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है । उन्हें 1931 में नाईट उपाधि और 1954 में भारत रत्न उपाधि से सम्मानित किया गया था। 17 अप्रैल , 1975 को उनका निधन हो गया। 

3. Dr. Zakir Husain

डॉ. जाकिर हुसैन का जन्म 8 फरबरी, 1897 को हैदराबाद में हुआ था। 23 साल की उम्र में हुसैन ने 1920 को अलीगढ़ में राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्तापना की। डॉ. जाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे, जिन्होंने सबसे कम अवधि के लिए पद संभाला था। देश के लिए उनकी सेबाओ के लिए उन्हें 1954 में पद्म बिभूषन और 1963 में उन्हें भारत के सर्बोच्च नागरिक सन्मान भारत रत्न से सन्मानित किया गया। 13 मई 1967 को भारत के तीसरे राष्ट्रपति चुने जाने के दो साल बाद 3 मई 1969 को उनकी असामयिक मृत्यु हो गयी थी। तत्काल उपाध्यक्ष वीवी गिरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया।

4. वीवी गिरि

वीवी गिरी 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक भारत के चौथे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 10 अगस्त 1894 को ओडिशा के बरहमपुर में एक तेलगु भसी ब्राह्मण परिबार में हुआ था। उनका पूरा नाम वराहगिरी वेंकट गिरी था। वह स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुने जाने वाले एकमात्र व्यक्ति बने। 1975 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वीवी गिरी का 24 जून 1980 को मद्रास में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

5. फखरुद्दीन अली अहमद

फखरुद्दीन अली अहमद 1974 से 1977 तक भारत के पांचवें राष्ट्रपति थे। फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने वाले दूसरे मुस्लिम थे। 20 अगस्त 1974 को उन्हें भारत के पांचवें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया। उनका जन्म 13 मई 1905 को पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में हुआ था।  11 फरबरी 1977 को कार्यालय में रहते हुए उनका निधन हो गया और वह दूसरे राष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु राष्ट्रपति के पद पर हुई थी। बीडी जत्था को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया।

6. नीलम संजीव रेड्डी

नीलम संजीव रेड्डी भारत के छठे राष्ट्रपति थे। 19 मई 1913 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के इलुरी गाँव में एक किसान परिबार में उनका जन्म हुआ था। 1956 में वह आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। वे सीधे लोकसभा अध्यक्ष के पद के लिए चुने गए और राष्ट्रपति भवन पर कब्जा करने वाले और राष्ट्रपति पद के लिए दो बार चुनाव लड़ने वाले सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बने। 1 जून 1996 को बंगलोर में निमोनिया से उनका निधन हो गया। मृत्यु के समय उनकी आयु 83 बर्ष थी।

7. ज्ञानी जैल सिंह

ज्ञानी जैल सिंह भारत के सातबें राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 मई 1916 को पंजाब के फरीदकोट जिले में हुआ था। उनका असली नाम जनरल सिंह था। शिक्षित होने के कारन उन्हें ज्ञानी की उपाधि दी गयी। राष्ट्रपति बनने से पहले, वह पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री भी थे। उन्होंने इंडियन पोस्ट ऑफिस बिल पर पॉकेट वीटो का भी इस्तेमाल किया। उनकी राष्ट्रपति कल के दौरान, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या और 1984 के सिख विरोधी दंगों जैसी कई घटनाएं हुईं।

8. आर. वेंकटरमण

आर वेंकटरमन 25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 तक भारत के 8 बे राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। इससे पहले वे 1984 से 1987 तक भारत के उपराष्ट्रपति थे। उन्हें दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कई सम्मान मिले हैं। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए उन्हें  “ताम्र पत्र” उपाधि दिया गया। इसके अलावा, कामराज पर यात्रा वृत्तांत लिखने के लिए उन्हें सोवियत भूमि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रामास्वामी वेंकटरमण का 27 जनवरी 2009 को 98 बर्ष की आयु में लम्बी बीमारी के कारन दिल्ली के सेना अस्पताल में निधन हो गया।

9.  Dr. Shankar Dayal Sharma

शंकर दयाल शर्मा  का जन्म 19 अगस्त 1918 को भोपाल में हुआ था। शंकर दयाल शर्मा भारत गणराज्य के नौबें राष्ट्रपति (1992 से 1997 तक) थे और राष्ट्रपति बनने से पहले वे भारत के आठवें उपराष्ट्रपति थे। 1952 से 1956 तक वे भोपाल के मुख्यमंत्री और 1956 से 1967 तक कैबिनेट मंत्री रहे। कानूनी पेशे में उनके उत्कृष्ट  योगदान के लिए उन्हें इंटरनेशनल एसोसिएशन से ‘लिविंग लीजेंड ऑफ लॉ अवार्ड ऑफ रिकग्निशन’ मिला। 26 दिसंबर 1999 को दिल का दौरा पड़ने पर उनका निधन हो गया। शंकर दयाल शर्मा एक महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने अपना पूरा जीबन राष्ट्र और लोगों की सेबा के लिए समर्पित कर दिया।

10. केआर नारायणन

केआर नारायणन का जन्म बर्तमान केरल के उझावूर गाँव में 4 फरवरी 1921 को एक दलित परिबार में हुआ था। वो भारत के पहले दलित राष्ट्रपति और देश के सर्वोच्च पद को प्राप्त करने वाले पहले मलयाली व्यक्ति थे। वह लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले पहले राष्ट्रपति थे और उन्होंने राज्य विधानसभा को संबोधित किया। 21 अगस्त 1992 को केआर नारायणन ने देश के उपराष्ट्रपति के रूप में सपथ ली और 25 जुलाई 1997 को उन्होंने देश के 10 बे राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। 85 बर्ष की आयु में 9 नवंबर 2005 को उनका निधन हो गया।

11. डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम

एपीजे अब्दुल कलाम एक प्रमुख भारतीए वैज्ञानिक थे जिन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के 11बे राष्ट्रपति का पद संभाला और भारत के पहले राष्ट्रपति जिन्होंने सबसे अधिक वोट जीते। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेस्वरम में एक मुस्लिम परिबार हुआ था।  डॉ कलाम को भारत और बिदेशो के 48 यूनिवर्सिटी और संस्थान से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सन्मानित किया गया। कलाम को बोहोत नागरिक पुरस्कार भी मिले जैसे 1981 में पद्म भूषण , 1990 में पद्म बिभूषण और 1997 में भारत का सर्बोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न। 27 जुलाई , 2015 को 83 बर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने पर उनका निधन हो गया।

12. देवीसिंह पाटिल 

भारत की 12बी राष्ट्रपति प्रतिभा देबीसिंह पाटिल का जन्म 19 दिसंबर 1934 को भारत के महाराष्ट्र राज्य के जलगांव जिले के नदगांव में हुआ था। उन्होंने 25 जुलाई 2007 को भारत की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया और राष्ट्रपति बनने से पहले वह राजस्थान की राज्यपाल थीं। 1962 से 1985 तक, वह पांच बार महाराष्ट्र विधान सभा की सदस्य रहीं और 1991 में अमरावती से लोकसभा के लिए चुनी गईं। 2012 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद दिए गए उनके अंतिम भाषण का वीडियो यहाँ दिया गया है।

13. प्रणब मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को भारत के पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के मिराती में एक ब्राह्मण परिबार में हुआ था। उन्होंने 2012 से 2017 तक भारत के 13बी राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। मुखर्जी को भारत का सबसे बहुमुखी मंत्री कहा जाता है। उन्हें 1997 में सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार और 2008 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 31 अगस्त, 2020 (सोमवार) को 84 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

14. Ram Nath Kovind

राम नाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। वह एक भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ हैं। वह भारत के 14वें और वर्तमान राष्ट्रपति हैं। वह 25 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति बने और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। वे बिहार के पूर्व राज्यपाल हैं। राजनीतिक समस्याओं के प्रति उनके दृष्टिकोण ने उन्हें राजनीतिक स्पेक्ट्रम में प्रशंसा दिलाई। एक राज्यपाल के रूप में उनकी उपलब्धियाँ विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार की जाँच के लिए एक न्यायिक आयोग का निर्माण करना था।

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